अलोक वर्मा

Alok Verma (CBI) Biography in hindi | अलोक वर्मा (सीबीआई) जीवन परिचय

अलोक वर्मा

जीवन परिचय

  • वास्तविक नाम : अलोक कुमार वर्मा

करियर

  • व्यवसाय : आईपीएस
  • बैच : 1979
  • कैडर : अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश
  • प्रमुख नियुक्तियां : सहायक पुलिस आयुक्त, दिल्ली (1979), पुलिस के अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर, दिल्ली (1985), पुलिस उपायुक्त, दिल्ली (1992), पुलिस महानिरीक्षक, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह (2001), संयुक्त पुलिस आयुक्त, दिल्ली (2004), पुलिस के विशेष आयुक्त, अपराध और रेलवे (2007), पुलिस महानिदेशक, पांडिचेरी (2008), पुलिस के विशेष आयुक्त, खुफिया, दिल्ली (2012), पुलिस महानिदेशक, मिजोरम (2012), पुलिस महानिदेशक, तिहाड़ जेल (2014), पुलिस आयुक्त, दिल्ली (2016), निदेशक, केंद्रीय जांच ब्यूरो (2017)
  • पुरस्कार/सम्मान : पुलिस पदक (1997), विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक (2003)

वास्तविक जीवन

  • जन्म तिथि : 14 जुलाई 1957
  • आयु (वर्ष 2018 अनुसार) : 61 वर्ष
  • जन्मस्थान : नई दिल्ली, भारत
  • राशि : कर्क
  • राष्ट्रीयता : भारतीय
  • गृहनगर : नई दिल्ली, भारत
  • स्कूल : सेंट जेवियर्स स्कूल, दिल्ली
  • कॉलेज : सेंट स्टीफन कॉलेज, दिल्ली
  • शैक्षिक योग्यता : एमए (इतिहास)
  • धर्म : हिन्दू
  • जाति : क्षत्रिय
  • विवाद : 24 अगस्त 2018 को, सीबीआई के कमांडर राकेश अस्थाना ने अलोक वर्मा पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया। हालांकि, अक्टूबर 2018 में, राकेश पर भी भ्रष्टाचार, आपराधिक षड्यंत्र और आपराधिक दुर्व्यवहार के आरोप में एजेंसी द्वारा मामला दर्ज किया गया था।

परिवार

  • वैवाहिक स्थिति : विवाहित
  • पत्नी : नाम ज्ञात नहीं
  • पिता : जे. सी. वर्मा
  • माता : नाम ज्ञात नहीं
  • बच्चे : बेटा – ज्ञात नहीं, बेटी – 1

अलोक वर्मा

अलोक वर्मा से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

  • उनका जन्म एक प्रतिष्ठित परिवार में नई दिल्ली में हुआ था।
  • वह वर्ष 1979 बैच के अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेशों (AUGMUT) के आईपीएस अधिकारी बने थे। वह 22 साल की उम्र में बैच के सबसे कम उम्र के आईपीएस अधिकारीयों में से एक थे।
  • उन्होंने वर्ष 2011 से वर्ष 2012 तक दिल्ली पुलिस बल के लिए एक विशेष आयुक्त के रूप में सतर्कता कार्य संभाला। उन्होंने वर्ष 2017 में दिल्ली पुलिस आयुक्त के रूप में कार्य किया।
  • उन्होंने दिल्ली पुलिस के ऑनलाइन सिस्टम को शुरू किया।
  • दिसंबर 2016 में, उन्होंने 26,000 पुलिस अधिकारियों की पदोन्नति के लिए नामांकित किया। जिसे केंद्र सरकार ने स्वीकार कर लिया था।
  • फरवरी 2017 में, वह कार्यालय में केंद्रीय जांच ब्यूरो के निदेशक के रूप में शामिल हुए।
  • अक्टूबर 2018 में, सरकार ने सीबीआई निदेशक की स्थिति से उन्हें हटाने का आदेश दिया। निर्णय कैबिनेट की नियुक्ति समिति द्वारा अनुमोदित किया गया था। जिसके बाद, सीबीआई के संयुक्त निदेशक एम. नागेश्वर राव को एजेंसी के अंतरिम प्रमुख नियुक्त किया गया।
  • सरकार के फैसले पर सीबीआई से असवैंधानिक रूप से निकाले जाने के बाद आलोक वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में मामला दर्ज करवाया।

 

 

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