Chandrashekhar Azad (Bhim Army) Biography in hindi | चंद्रशेखर आज़ाद (भीम आर्मी) जीवन परिचय

चंद्रशेखर आज़ाद 

चंद्रशेखर आज़ाद 

जीवन परिचय

  • वास्तविक नाम : चंद्रशेखर आज़ाद
  • उपनाम : रावण
  • व्यवसाय : दलित कार्यकर्ता, वकील

व्यक्तिगत जीवन

  • जन्म तिथि : वर्ष 1986
  • आयु (वर्ष 2018 के अनुसार) : 32 वर्ष
  • जन्मस्थान : छुटमालपुर, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश
  • राशि : ज्ञात नहीं
  • राष्ट्रीयता : भारतीय
  • गृहनगर : छुटमालपुर, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश
  • स्कूल/विद्यालय : ज्ञात नहीं
  • कॉलेज/विश्वविद्यालय : ज्ञात नहीं
  • शैक्षणिक योग्यता : लॉ में स्नातक
  • धर्म : हिन्दू
  • जाति : अनुसूचित जाति (चमार)
  • शौक/अभिरुचि : पुस्तकें पढ़ना, लेखन करना, यात्रा करना
  • विवाद : 11 मई 2017 को, सहारनपुर में हिंसक विरोध प्रदर्शन करने के लिए सहारनपुर पुलिस ने चंद्रशेखर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। जिसके चलते उन्हें कड़ी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा।

परिवार

  • पिता : ज्ञात नहीं
  • माता : कमलेश देवी
    चंद्रशेखर आज़ाद के भाई और माता
  • भाई : कमल किशोर
  • बहन : ज्ञात नहीं

प्रेम संबंध एवं अन्य जानकारी

  • वैवाहिक स्थिति : विवाहित
  • गर्लफ्रेंड : ज्ञात नहीं
  • पत्नी : ज्ञात नहीं
  • बच्चे : बेटा – भगत सिंह, बेटी – कोई नहीं

धन संबंधित विवरण

  • आय : ज्ञात नहीं

चंद्रशेखर आज़ाद 

चंद्रशेखर आज़ाद से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

  • क्या चंद्रशेखर आज़ाद धूम्रपान करते हैं ? ज्ञात नहीं
  • क्या चंद्रशेखर आज़ाद शराब पीते हैं ? ज्ञात नहीं
  • वह सहारनपुर जिले के शबीरपुर के निकटतम गांव छुटमालपुर से एक वकील हैं।
  • वर्ष 2011 में, उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका जाने की योजना बनाई।
  • वह अपने बीमार पिता को देखने के लिए सहारनपुर गए, उसके बाद उन्होंने दलितों पर हो रहे अत्याचारों को बारे में सुनकर एक दलित कार्यकर्ता बनने का निर्णय किया।
  • वर्ष 2015 में, उन्होंने भीम सेना एकता मिशन (संक्षेप में भीम सेना) का गठन किया। सेना का दावा है कि इस मिशन में 50000 से अधिक सदस्य शामिल हैं।
  • वर्ष 2016 में, चंद्रशेखर आजाद और उनकी भीम सेना पहली बार तब सामने आई, जब वह एक बोर्ड स्थापित करना चाहते थे। जिसमें गांव के प्रवेश द्वार पर एक बोर्ड लगना था, जिस पर लिखा था “द ग्रेट चमार”, इसके विपरीत गांव के ठाकुर जाति के लोगों ने इसका विरोध किया।

    द ग्रेट चमार
    द ग्रेट चमार
  • मई 2017 में, ठाकुरों ने गांव शब्बीरपुर, सहारनपुर के कुछ दलितों के घरों को जला दिया था। जिससे दलितों और ठाकुरों में हिंसा भड़क गई थी।
  • 21 मई 2017 को, उन्होंने बिना किसी अनुमति के नई दिल्ली में जंतर मंतर में भीम सेना समर्थकों की एक रैली आयोजित की। रैली में 5000 से अधिक भीम सेना समर्थकों ने भाग लिया था।

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