Khushboo Mirza (ISRO Scientist) Biography in Hindi | खुशबू मिर्ज़ा (इसरो वैज्ञानिक) जीवन परिचय

खुशबू मिर्जा एक भारतीय वैज्ञानिक हैं, जो वर्तमान में इसरो के साथ कार्य करती हैं। वह एक इंजीनियर है और उस टीम का हिस्सा थी, जिसने चंद्रयान 1 (भारत की पहले चंद्र जांच) को विकसित किया था। जिसके परिणामस्वरूप उन्हें चंद्रयान 2 के लिए भी चुना गया।

जीवन परिचय (Biography)

खुशबू मिर्जा का जन्म 24 जुलाई 1985 को उत्तर प्रदेश के अमरोहा में हुआ था। उनकी राशि सिंह है। उन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा कृष्णा बाल मंदिर इंटर कॉलेज, अमरोहा, यूपी से प्राप्त की। वर्ष 2006 में, उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू), अलीगढ़, यूपी से बी.टेक की डिग्री प्राप्त की। खुशबू ने 10 वीं कक्षा तक हिंदी माध्यम के स्कूल में पढ़ाई की। उनकी खेलों में बहुत रुचि थी और बैडमिंटन और वॉलीबॉल जैसे खेल कार्यक्रमों में भाग लेना बहुत पसंद था। उन्होंने वॉलीबॉल खेल में जिला स्तर पर काफी प्रतियोगिताओं में भाग लिया। खुशबू ने स्पोर्ट्स कोटा के तहत एएमयू में दाखिला लिया।

खुशबू मिर्जा स्कूली दिनों में

खुशबू जब सात वर्ष की थीं, तब उनके पिता का निधन हो गया था। जो पेशे से एक इंजीनियर और एक व्यापारी थे। उनका एक पेट्रोल पंप भी था। उनके पिता की मृत्यु के बाद, खुशबू की माँ ने सारा कारोबार संभाला। उनके गाँव में रूढ़िवादी सोच के चलते महिलाओं का काम करना वर्जित था, लेकिन फिर भी उनकी माँ ने सभी मानदंडों से परे व्यवसाय को संभाला। उनके पति की इच्छा थी कि उनके बच्चे इंजीनियर बनें और भारत के लिए कुछ अच्छा करें। खुशबू के पिता की मृत्यु के बाद, उनकी माँ ने स्वयं से वादा किया था कि वह उनके सपने को पूरा करेगी। खुशबू का भाई भी इंजीनियर है। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया कॉलेज, नई दिल्ली से डिग्री की। उन्होंने व्यवसाय संभालने और अपनी माँ की मदद करने के लिए अपने इंजीनियरिंग करियर को छोड़ दिया। खुशबू कॉलेज में बहुत सक्रिय और लोकप्रिय थी। उन्होंने कॉलेज के कई उत्सवों और विज्ञान सम्मेलनों में भाग लिया। जिसके चलते उन्होंने एक सम्मेलन के दौरान रेडियो-फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) तकनीक पर एक स्पीच भी प्रस्तुत की।

परिवार (Family)

खुशबू मिर्ज़ा साधारणतया इस्लाम धर्म से संबंधित हैं। उनके पिता का नाम सिकंदर मिर्जा था। उनकी मां फरहत मिर्ज़ा एक गृहिणी है। खुशबू की एक छोटी बहन, महक मिर्ज़ा और एक बड़ा भाई, ख़ुश़्त मिर्ज़ा है। उनकी बहन शादीशुदा है और उसका एक बेटा है, जबकि खुशबू अविवाहित हैं।

करियर (Career)

खुशबू को कॉलेज से स्नातक करने के बाद एडोब इंक से नौकरी का प्रस्ताव मिला। भले ही उन्हें अच्छे पैकेज की पेशकश की गई थी, लेकिन फिर भी उन्होंने उसे ठुकरा दिया, क्योंकि वह विज्ञान के क्षेत्र में कुछ करना चाहती थी, जिससे भारत के विकास में कुछ मदद मिले। चार महीने के बाद, उन्हें इसरो से नौकरी का प्रस्ताव मिला और उन्होंने नौकरी कर ली। उन्हें इसरो में उपग्रह प्रणालियों के विभाग में एक प्रौद्योगिकीविद् के रूप में कार्य करना शुरू किया।

खुशबू मिर्जा चंद्रयान की टीम के दौरान

खुशबू को उस टीम में शामिल किया गया था, जिसे चंद्रयान (भारत की पहली चंद्र जांच) को विकसित करना था। वह टीम के चेक-आउट डिवीजन में थी। वह डिजाइन और उपकरणों और सॉफ्टवेयर के विकास में कार्यरत थीं, जो उपग्रह से डेटा प्राप्त करते हैं और जांच पर परीक्षण करते हैं।

खुशबू मिर्जा इसरो में

दो वर्षों तक उन्होंने इस पर कार्य किया और 23 अक्टूबर 2008 में, चंद्रयान को लॉन्च करने में अहम भूमिका निभाई। जब रॉकेट लॉन्च किया गया था, तब खुशबू उस समय वहीं मौजूद थी। खुशबू और उनके सहयोगियों ने प्रक्रिया को अपनी छत से देखा।

उसके बाद खुशबू को उस टीम के लिए चुना गया था, जिसे चंद्रयान 2 विकसित करना था। वर्ष 2009 में दूसरी चंद्र जांच शुरू की गई, लेकिन इस कार्य में बहुत देरी हुई। दूसरी जांच एक रूसी फर्म के साथ विकसित की जानी थी, लेकिन रूसी समय पर लैंडर प्रदान नहीं कर सके। भारत ने अपने दम पर लैंडर विकसित करने का निर्णय लिया और वर्ष 2018 तक पूरी विकास प्रक्रिया को पूरा किया। रोवर और लैंडर का व्यापक परीक्षण करने के बाद, इसरो ने 14 जुलाई 2019 को चंद्रयान 2 लॉन्च करने की तैयारी पूरी की। खुशबू चंद्रयान 2 टीम का हिस्सा है और आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में लॉन्च के लिए उपस्थित होंगी।

रोचक तथ्य (Interesting facts)

  • खुशबू, एएमयू में छात्र संघ चुनाव लड़ने वाली पहली लड़की थी। हालाँकि वह जीत नहीं दर्ज कर पाई, लेकिन उन्होंने कई अन्य लड़कियों को छात्र संघ चुनाव लड़ने के लिए प्रेरित किया।
  • इसरो की तरफ से उन्हें नियमित रूप से बहुत से वैज्ञानिक सम्मेलनों के लिए भेजा जाता था।
  • वर्ष 2012 में, वह नेशनल इसरो सम्मेलन में स्पीकर थीं।
  • खुशबू मिर्जा को विश्व भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) दिवस 2018 में अतिथि वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया था।
  • उन्हें यात्रा करना बहुत पसंद है।
  • वह हर वर्ष दिवाली के त्योहार को बहुत धूमधाम से मनाती हैं।

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