मनमोहन सिंह

Manmohan Singh Biography in Hindi | मनमोहन सिंह जीवन परिचय

मनमोहन सिंह

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का पूरा नाम मनमोहन सिंह कोहली है। जो पेशे से एक भारतीय अर्थशास्त्री, नौकरशाह और राजनीतिज्ञ हैं। उन्होंने वर्ष 2004 से 2014 तक भारत के 13 वें प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया है। डॉ मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री का पद संभालने वाले पहले सिख हैं और पांच साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद जवाहरलाल नेहरू के बाद पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं। दोस्तों आज हम मनमोहन सिंह के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करेंगें।

जीवन परिचय (Biography)

मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितंबर 1932 को पंजाब, ब्रिटिश भारत (अब पंजाब, पाकिस्तान) में हुआ था। उन्हें पंज साहिब (रावलपिंडी से पचास किलोमीटर) में मनमोहन सिंह नाम दिया गया था; जिसका पहला शब्द “एम” पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब के पृष्ठ पर दिखाई दिया गया था। मनमोहन सिंह ने उर्दू संकाय में खालसा हाई स्कूल फॉर बॉयज़, पेशावर, ब्रिटिश भारत (अब पाकिस्तान में) से प्राथमिक शिक्षा प्राप्त की थी। भारत पाकिस्तान के विभाजन के बाद, उनका परिवार अमृतसर चला गया, जहां उन्होंने हिंदू कॉलेज, अमृतसर में अपनी आगे की पढ़ाई जारी रखी। 13 वर्ष की उम्र में, मनमोहन सिंह ने राजनीतिक के गुर सीखे। पेशावर में खालसा हाई स्कूल फॉर बॉयज़ में अपने स्कूल के दिनों के दौरान, मनमोहन सिंह ने वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में भाग लिया। इसके साथ उन्होंने स्कूल में आयोजित हॉकी और फुटबॉल प्रतियोगिता में भाग लेना शुरू किया।

मनमोहन सिंह का घर (गह, पाकिस्तान)
मनमोहन सिंह का घर (गह, पाकिस्तान)

उन्होंने वर्ष 1952 और वर्ष 1954 में गवर्नमेंट कॉलेज, पंजाब विश्वविद्यालय, होशियारपुर (अब चंडीगढ़ में) से स्नातक और परास्नातक की डिग्री प्राप्त की। वर्ष 1957 में, मनमोहन सिंह ने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में डिग्री पूरी की। कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में अपने कॉलेज के दिनों के दौरान, उन्होंने अपने शिक्षकों के साथ राजनीति की रचनात्मक भूमिका के बारे में रिसर्च की। एक शिक्षाविद होने के नाते, मनमोहन सिंह को वर्ष 1955 और वर्ष 1957 में राइट का पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वर्ष 1962 में, उन्होंने ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय से दर्शनशास्त्र में डॉक्टरेट की पढ़ाई पूरी की, जहाँ मनमोहन सिंह नफ़िल्ड कॉलेज के सदस्य थे। उन्होंने “India’s Export Trends and Prospects for Self-Sustained Growth” पुस्तक प्रकाशित की, जो उनके डॉक्टरेट थीसिस पर आधारित है।

मनमोहन सिंह

वर्ष 1966-1969 तक, मनमोहन सिंह ने व्यापार और विकास (UNCTAD) के सन्दर्भ में संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन में भी कार्य किया। वर्ष 1969 में, उन्होंने तत्कालीन कैबिनेट मंत्री, विदेश व्यापार, ललित नारायण मिश्रा के सलाहकार के रूप में भी कार्य किया है। वर्ष 1969-1971 तक, मनमोहन सिंह दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, दिल्ली विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के प्रोफेसर थे। वर्ष 1972 में, उन्होंने वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार के रूप में कार्य किया ; और वर्ष 1976 में वित्त मंत्रालय के सचिव बने।

वर्ष 1980-1982 तक, उन्होंने योजना आयोग के सदस्य के रूप में कार्य किया। वर्ष 1982 में, मनमोहन सिंह को भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर के रूप में नियुक्त किया गया था और वर्ष 1985 तक उन्होंने इस पद पर कार्य किया। वर्ष 1985-1987 तक, उन्होंने भारत के योजना आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में कार्य किया। वर्ष 1987-1990 में, उन्होंने जिनेवा, स्विट्जरलैंड में दक्षिण आयोग के महासचिव के रूप में कार्य किया। वर्ष 1990 में, मनमोहन सिंह को भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह के आर्थिक मामलों के सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया। वर्ष 1991 में, वह विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष बने।

परिवार (Family)

मनमोहन सिंह का जन्म एक कोहली सिख परिवार (कुक्रेन) में गुरमुख सिंह और अमृत कौर के घर हुआ था। उनके पिता एक क्लर्क एजेंट थे, जो अफगानिस्तान से ड्राई फ्रूट्स आयात करते थे और भारत के विभिन्न स्थानों में सप्लाई किया करते थे। उनके पिता अक्सर शहर से बाहर रहते थे, जिसके चलते मनमोहन सिंह बचपन में अपने पिता से बहुत कम ही मिल पाते थे। बचपन में, उनकी माँ का निधन हो गया था। जिसके बाद उनका पालन-पोषण उनकी नानी जमना देवी ने किया। उनका एक भाई भी था, जिसका बहुत ही कम उम्र में निधन हो गया था। उनके दादा का नाम संत सिंह था।

मनमोहन ने 14 सितंबर 1958 को गुरशरण कौर से विवाह किया। जिससे उनकी तीन बेटियां अमृत सिंह (मानवाधिकार वकील), दमन सिंह (लेखक) और उपिंदर सिंह (इतिहासकार) हैं।

मनमोहन सिंह अपनी पत्नी के साथ
मनमोहन सिंह अपनी पत्नी के साथ

करियर (Career)

वर्ष 1991 में, जब भारत वित्तीय संकट का सामना कर रहा था, तब भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री पी.वी.नरसिम्हा राव भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य ने मनमोहन सिंह को केंद्रीय वित्त मंत्री नियुक्त किया; हालांकि उस समय मनमोहन सिंह के पास कोई राजनीतिक अनुभव नहीं था। इस अवधि के दौरान, मनमोहन सिंह ने लाइसेंस राज से भारत को मुक्त कर दिया। वह वर्ष 1996 तक इस पद पर रहे। मनमोहन सिंह को वर्ष 1991 में असम से राज्यसभा के सदस्य के रूप में पी.वी. नरसिम्हा राव; 1998 में राज्यसभा में विपक्ष के नेता के रूप में फिर से चुना गया और वर्ष 2004 तक इसके सदस्य रहे।

वर्ष 1999 में, मनमोहन दक्षिण दिल्ली से लोकसभा चुनाव लड़ने के बाद भाजपा के विजय कुमार मल्होत्रा से हार गए थे। वर्ष 2004 में 14 वें लोकसभा चुनाव के दौरान, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी ने एक संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) का गठन किया और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जीत हासिल की। मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाने की सिफारिश कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने की थी। 22 मई 2004 को मनमोहन सिंह भारत के 13 वें प्रधानमंत्री बने। वर्ष 2007 में, उन्हें असम से राज्यसभा के सदस्य के रूप में चौथी बार फिर से चुना गया। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान बिक्री कर को मूल्य वर्धित कर (वैट) में बदल दिया था। वर्ष 2007 में, भारत 9% की उच्चतम सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) विकास दर प्राप्त करके दुनिया की दूसरी सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में विस्तारित हो गया था।

मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री पद की शपथ ग्रहण करते हुए
मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री पद की शपथ ग्रहण करते हुए

वर्ष 2014 के आम चुनावों के दौरान, भारतीय जनता पार्टी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी को हराया। इसके बाद, मनमोहन सिंह ने 17 मई 2014 को भारत के प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया।

पुरस्कार एवं सम्मान (Awards)

  • वर्ष 1952 में, विश्वविद्यालय मैडल पंजाब विश्वविद्यालय बी.ए. (ऑनर्स इकोनॉमिक्स) में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए।
  • वर्ष 1954 में, उत्तर चंद कपूर मैडल पंजाब विश्वविद्यालय एम.ए (अर्थशास्त्र) में टॉपर होने के लिए।
  • वर्ष 1956 में, एडम स्मिथ पुरस्कार कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय, यूके।
  • वर्ष 1987 में, भारत सरकार द्वारा पद्म विभूषण पुरस्कार से सम्मान।
  • वर्ष 1993 में, यूरोमनी पुरस्कार वर्ष के उत्कृष्ट वित्त मंत्री के रूप में।
  • प्रधानमंत्री के कार्यकाल के दौरान भारत में शांति और विकास में सुधार के लिए इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार से सम्मानित।

विवाद (Controversies)

  • अपने प्रधानमंत्रित्व काल के दौरान, विपक्ष द्वारा उन्हें अभी तक के सबसे कमजोर प्रधानमंत्री होने के कारण कड़ी आलोचना की गई थी।
  • मनमोहन सिंह पर यह भी आरोप लगाया गया कि 2 जी स्पेक्ट्रम घोटाले और भारतीय कोयला आवंटन घोटाले के दौरान उन्होंने कड़ी जाँच नहीं करवाई, जिसके चलते विपक्ष द्वारा उनसे इस्तीफे की मांग की गई।

कुल आय (Net Worth)

राज्यसभा सदस्य के रूप में, मनमोहन सिंह का मासिक वेतन 50,000 + अन्य भत्ते हैं। उनकी कुल आय 11.6 करोड़ (वर्ष 2013 के अनुसार) है।

रोचक तथ्य (Interesting Facts)

  • मनमोहन सिंह ने पेशावर के एक गाँव के स्कूल में अध्ययन किया; जहां उनका रोल नं 187 था।
  • जब मनमोहन सिंह चकवाल (पाकिस्तान का एक शहर) में खालसा हाई स्कूल फॉर बॉयज में पढ़ाई कर रहे थे, तब उनके पिता ने फिर से शादी कर ली थी।
  • वर्ष 1946 में, मनमोहन सिंह ने इतिहास, भूगोल और नागरिक शास्त्र के बजाय रसायन विज्ञान, भौतिकी और भौतिक विज्ञान में अध्ययन करने का निर्णय किया।
  • वर्ष 2004 में, जब मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया, तब उनकी पत्नी गुरशरण कौर आश्चर्यचकित रह गई थी।
  • वर्ष 2019 में, द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर नामक बॉलीवुड फिल्म बनाई गई, जिसमें मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री कार्यकाल को दर्शाया गया है। जिसमें मनमोहन सिंह की भूमिका अनुपम खेर ने निभाई है।

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