Masood Azhar (Terrorist) Biography in Hindi | मसूद अजहर (आतंकवादी) जीवन परिचय

https://youtu.be/eRA7di7ofo4

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मसूद अजहर संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित एक आतंकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद का संस्थापक और नेता है। सूत्रों के मुताबिक, 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले में मसूद अजहर का ही हाथ है। भारत में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए मसूद अजहर को वांछित रूप से आतंकवादियों में सूचीबद्ध किया गया है। भारत सरकार द्वारा अजहर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आतंकवाद निरोधी सूची में शामिल करने के लिए कोशिश कर रहा है।

जीवन परिचय (Biography)

मसूद अजहर का जन्म 10 जुलाई 1968 को पाकिस्तान के बहावलपुर में हुआ था, उनके पिता का नाम अल्लाह बख्श शब्बीर है, जो एक सरकारी स्कूल में हेडमास्टर थे और उनकी माँ का नाम रुक्वा बीबी है। उनका परिवार एक डेयरी और पोल्ट्री फार्म का कार्य करता था। अज़हर ने कराची के जामिया उलूम उल इस्लामिया बनूरी टाउन से शिक्षा प्राप्त की थी। जहां से वह हरकत-उल-अंसार संगठन में शामिल हुए। संगठन में शामिल होने के बाद, सोवियत-अफगान युद्ध में वह घायल हो गए, जिसके बाद अजहर को मोटिवेशनल विभाग के प्रमुख के रूप में चुना गया और वह उर्दू-भाषा सैद मुजाहिदीन और अरबी-भाषा सावते कश्मीर के संपादक बन गए। जहां उन्होंने भारत के खिलाफ पाकिस्तानी और अफगानिस्तानी निर्दोष युवाओं को प्रेरित करना शुरू कर दिया। उसका अंतिम उद्देश्य कश्मीर को पाकिस्तान में वापस लाना था। वर्ष 2000 में, वह फर्जी पासपोर्ट के साथ भारत आया और अपना पहला बम विस्फोट किया और इस तरह अजहर ने भारत में अपनी आतंकवादी गतिविधियां चलाना शुरू कर दिया।

भारत में आतंकवादी गतिविधियां

  • वर्ष 2000 में – कश्मीर में बम विस्फोट (8 लोगों की मृत्यु)
  • वर्ष 2000 में – भारतीय सेना क्षेत्र में बम विस्फोट (2 सैनिकों की मृत्यु)
  • वर्ष 2001 में – जम्मू कश्मीर विधानसभा पर हमला (38 लोगों की मृत्यु)
  • वर्ष 2001 में – भारतीय संसद पर हमला (8 सैनिकों की मृत्यु)
  • वर्ष 2016 में – पठानकोट आतंकी हमला (7 सैनिकों की मृत्यु)
  • वर्ष 2019 में – पुलवामा आतंकी हमला (42 सैनिकों की मृत्यु)

करियर (Career)

वर्ष 1994 में, अजहर भारत में पहली बार हरकत-उल-जिहाद अल-इस्लामी और हरकत-उल-मुजाहिदीन हरकत-उल-अंसार की लड़ाई के दौरान आया था। जहां अजहर को फरवरी में गिरफ्तार कर लिया गया था। वर्ष 1995 में मसूद अजहर के साथियों ने जम्मू-कश्मीर में छह विदेशी पर्यटकों का अपहरण कर लिया था। अपहर्णकर्ताओं ने स्वयं को अल-फरान बताते हुए मसूद अजहर की रिहाई की मांग की थी, लेकिन बंधकों में से एक भागने में सफल रहा, जिसके बाद अपहर्णकर्ताओं ने पांच अन्य लोगों को गोली मार दी।

इसके चार साल बाद, दिसंबर 1999 में, इंडियन एयरलाइंस फ़्लाइट 814 (IC814), जो काठमांडू से नई दिल्ली जा रही थी, उसे हाईजैक कर लिया था। उस विमान में 178 यात्री थे, जिन्हें 5 आतंकवादियों ने पकड़ लिया था। विमान को अमृतसर, लाहौर और दुबई के माध्यम से अफगानिस्तान के कंधार हवाई अड्डे पर ले जाया गया था। अजहर ने 178 यात्रियों को लगभग सात दिनों तक कैद में रखा था। इंडियन एयरलाइंस फ़्लाइट 814

उन 178 यात्रियों की रिहाई के बदले में तीन खूंखार आतंकवादियों की रिहाई मांगी थी, जिसके बाद मौलाना मसूद अजहर, मुश्ताक अहमद जरगर और अहमद उमर सईद शेख को रिहा कर दिया गया था। जब मसूद अजहर को अपहरणकर्ताओं को सौंप दिया गया, तभी वह पाकिस्तान भाग गया। जिसके बाद पाकिस्तान ने उसे गिरफ्तार कर लिया, लेकिन उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिलने के कारण पाकिस्तान ने मसूद अजहर को रिहा कर दिया।

अपनी रिहाई के कुछ समय बाद, अजहर ने कराची में 10,000 लोगों को सम्बोधित करते हुए, एक सार्वजनिक भाषण दिया। उन्होंने घोषणा की, “मैं यहां आया हूं क्योंकि यह मेरा कर्तव्य है कि मैं आपको बताऊं कि जब तक हमने भारत को नष्ट नहीं किया, तब तक हमें शांति से नहीं बैठना है।”

मसूद अज़हर सभा को सम्बोधित करते हुए
मसूद अज़हर सभा को सम्बोधित करते हुए

भारत से रिहा होने के बाद मसूद अजहर और भी खतरनाक आतंकवादी गतिविधियां अपनाने लगा। वर्ष 2000 में अजहर ने भारत में आतंकवादी गतिविधियों को संचालित करने के लिए एक आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का गठन किया। इसमें हरकत-उल-मुजाहिदीन और हरकत-उल-अंसार जैसे कई आतंकवादी संगठन शामिल किए।

जैश-ए-मोहम्मद
जैश-ए-मोहम्मद

14 फरवरी 2019 को पुलवामा हमले में देश के 42 जवान शहीद हो गए थे, इस हमले में सीआरपीएफ के काफिले पर 350 किलोग्राम IED का इस्तेमाल किया गया था। इस हमले के पीछे आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का हाथ है।

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