Ram Nath Kovind Biography in Hindi | रामनाथ कोविंद जीवन परिचय

रामनाथ कोविंद

रामनाथ कोविंद

राम नाथ कोविंद एक पूर्व वकील भी हैं, जिन्होंने भारत के 14 वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण की है। वह प्रथम दलित राष्ट्रपति ‘कोचेरिल रमन नारायणन’ के बाद भारतीय दूसरे दलित भारतीय नेता हैं, जो राष्ट्रपति बने है। उनकी प्रेसीडेंसी से पहले, कोविंद ने वर्ष 2015 से वर्ष 2017 तक बिहार राज्य के गवर्नर के रूप में कार्य किया। कोविंद ने लगभग 16 वर्षों तक एक वकील के रूप में कार्य किया, जिन्होंने राजनीति में प्रवेश करने से पहले दिल्ली के कमजोर वर्गों को मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करवाई थी।

जीवन परिचय (Biography)

राम नाथ कोविंद का जन्म 1 अक्टूबर 1945 को पारुख, कानपुर देहाट जिला, उत्तर प्रदेश, भारत में माईकूलाल कोरी और कलावती के घर हुआ था। उन्होंने वाणिज्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की और कानपुर विश्वविद्यालय से एलएलबी की डिग्री प्राप्त की। अपनी कानूनी पढ़ाई पूरी करने के बाद, कोविंद दिल्ली चले गए और सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करना शुरू कर दी। उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा को अपने तीसरे प्रयास में पास किया, लेकिन सेवाओं में शामिल होने से इंकार कर दिया, क्योंकि उन्हें सहयोगी सेवा के लिए चुना गया था, न कि आईएएस के लिए। उसके बाद उन्होंने स्वयं को बार काउंसिल ऑफ दिल्ली में एक वकील के रूप में नामांकित किया और अभ्यास करना शुरू कर दिया। वकील के रूप में, कोविंद ने समाज के कमजोर वर्गों, महिलाओं और दिल्ली के गरीब लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान की। बाद में उन्हें भारत सरकार के सुप्रीम कोर्ट की केंद्र सरकार की स्थायी परिषद के रूप में नियुक्त किया गया और उन्होंने वर्ष 1993 तक एक वकील के रूप में अभ्यास किया। वर्ष 1991 में जब वह भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हो गए, तब कोविंद राजनीति में शामिल हुए।

रामनाथ कोविंद

परिवार (Family)

राम नाथ कोविंद का जन्म अनुसूचित जाति (कोली समुदाय) में हुआ था। उनके पिता माईकूलाल कोरी एक स्थानीय वैद्य थे और किराने की दुकान चलाते थे। उनकी मां कलावती थी, जिनका कोविंद के जन्म से कुछ समय पहले मृत्यु हो गई थी। राम नाथ के चार भाई और 3 बहनें हैं और वह 5 भाइयों में से सबसे छोटे हैं।

रामनाथ कोविंद अपने परिवार के साथ
रामनाथ कोविंद अपने परिवार के साथ

राम नाथ कोविंद ने 30 मई 1974 को सविता कोविंद (एक सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी) से विवाह किया। जिससे उन्हें एक बेटा प्रशांत कुमार, जो एक प्राइवेट एयरलाइंस में एक कर्मचारी है, एक बेटी स्वाती कोविंद है, जो एयर इंडिया के एकीकरण विभाग के में काम करती हैं।

करियर (Career)

कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद, उन्होंने लगभग 16 वर्षों तक वकील के रूप में अभ्यास किया, जिसमें उन्होंने दिल्ली के गरीब और जरूरतमंद लोगों को मुफ्त कानूनी सेवाएं प्रदान की। उन्होंने वर्ष 1977 और वर्ष 1978 के दौरान प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के व्यक्तिगत सहायक के रूप में काम किया।

रामनाथ कोविंद अपनी पत्नी और मोरारजी देसाई के साथ
रामनाथ कोविंद अपनी पत्नी और मोरारजी देसाई के साथ

वर्ष 1991 में, कोविंद भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में कार्य किया। उसके बाद उन्होंने कानपुर नगर के जिले घटमपुर और भोगिपुर निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन दोनों जगहों से वह हार गए थे। बाद में, वर्ष 1994 में उन्हें राज्यसभा के सांसद सदस्य (एमपी) के रूप में निर्वाचित किया गया। बीजेपी के सदस्य होने के नाते, उन्होंने राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया। वर्ष 1998 से वर्ष 2002 के बीच वह बीजेपी के अनुसूचित जाति दलित मोर्चा और अखिल भारतीय कोली समाज के अध्यक्ष रहे। उन्होंने 8 अगस्त 2015 को भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के द्वारा बिहार के राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की थी। उन्हें जून 2017 में राष्ट्रपति पद के लिए सत्तारूढ़ एनडीए सरकार भारत के राष्ट्रपति के लिए नामंकित किया गया था, वहीँ यूपीए उम्मीदवार मीरा कुमा को 66% वोटों से हराकर जुलाई 2017 में भारत के 14 वें राष्ट्रपति के रूप में उन्होंने शपथ ग्रहण की।

रामनाथ कोविंद राष्ट्रपति पद की शपथ ग्रहण करते हुए
रामनाथ कोविंद राष्ट्रपति पद की शपथ ग्रहण करते हुए

रोचक तथ्य (Interesting facts)

  • एमपीएलडी योजना के माध्यम से, कोविंद ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के लिए बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया।
  • अक्टूबर 2002 में, उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए, न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया था।

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