ऋषि कुमार शुक्ला

Rishi Kumar Shukla Biography in Hindi | ऋषि कुमार शुक्ला जीवन परिचय

ऋषि कुमार शुक्ला

ऋषि कुमार शुक्ला एक आईपीएस अधिकारी हैं। उन्हें आलोक वर्मा के बाद दो वर्ष के कार्यकाल के लिए 2 फरवरी 2019 को सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) के निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया।

जीवन परिचय (Biography)

ऋषि कुमार शुक्ला का जन्म 23 अगस्त 1960 को ग्वालियर, मध्य प्रदेश, भारत में हुआ था। उन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा कार्मल कॉन्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, ग्वालियर से प्राप्त करने के बाद अपने परिवार के साथ कोलकाता चले गए, क्योंकि उनके पिता को हिंदुस्तान मोटर्स में महाप्रबंधक के रूप में नियुक्त किया गया था। अपनी आगे की शिक्षा पूरी करने के लिए ऋषि कुमार ने कोलकाता के एक हिंदी हाई स्कूल में दाखिला लिया। वह अपने स्कूली दिनों में एक होनहार छात्र थे।
जिसके चलते उन्होंने सबसे पहले आईआईटी खड़गपुर और फिर आईआईटी कानपुर में प्रवेश लिया। हालांकि, परिवार के निजी कारणों से शुक्ला अपनी आगे की शिक्षा जारी नहीं रख सके। जिसके बाद वह ग्वालियर वापिस चले गए और बी.कॉम करने के लिए एक कॉलेज में दाखिला लिया। इसके बाद उन्होंने दर्शनशास्त्र में परास्नातक की डिग्री प्राप्त की। वर्ष 1983 में, परास्नातक की डिग्री पूरी करने के बाद उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा देने का निर्णय किया और अपने पहले प्रयास में ही परीक्षा उत्तीर्ण की।

परिवार (Family)

ऋषि कुमार शुक्ला एक ब्राह्मण परिवार से संबंधित हैं। उनके पिता बाल कृष्ण शुक्ला मध्य प्रदेश बिजली बोर्ड, ग्वालियर में इंजीनियर थे और हिंदुस्तान मोटर्स, कोलकाता में महाप्रबंधक थे। उनकी एक बड़ी बहन है जिसका नाम श्रमिता पांडे है।

उनके दादा रामेश्वर शास्त्री लाला का बाज़ार में प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य थे। ऋषि कुमार का विवाह नीलम से हुआ, जो पेशे से एक स्कूल टीचर हैं। जिससे उनकी दो बेटियां हैं और दोनों ही इंजीनियर हैं।

करियर (Career)

ऋषि कुमार शुक्ला को वर्ष 1983 बैच में मध्य प्रदेश कैडर के भारतीय पुलिस सेवा के लिए नियुक्त किया गया था। राष्ट्रीय पुलिस अकादमी से प्रशिक्षण पूरा करने के बाद, ऋषि शिवपुरी, दामोह, रायपुर और मध्य प्रदेश और मंदसौर जिलों में एक आईपीएस अधिकारी के रूप में तैनात थे। जब वह ड्यूटी पर आए, तब उनकी आयु महज 23 वर्ष की थी और उस समय वह बैच के सबसे युवा आईपीएस अधिकारियों में से एक थे। वर्ष 2005 में, उन्होंने अबू सलेम और उनकी तत्कालीन प्रेमिका मोनिका बेदी की गिरफ़्तारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वर्ष 2016 में, ऋषि कुमार शुक्ला को राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा मध्य प्रदेश के DGP के रूप में नियुक्त किया गया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की।

उन्होंने मध्य प्रदेश पुलिस की तकनीकी सहायता और डायल 100 प्रणाली को शुरू किया था। इसके अलावा, वह आधिकारिक ट्विटर अकाउंट रखने वाले मध्य प्रदेश के पहले डीजीपी थे। उन्होंने मध्य प्रदेश पुलिस को आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) का भी गठन किया था।

ऋषि ने संयुक्त राज्य अमेरिका से संकट प्रबंधन और बंधक वार्ता के लिए प्रशिक्षण प्राप्त किया है। संवेदनशील मामलों को संभालने के लिए उन्हें इंटेलिजेंस ब्यूरो में शामिल किया गया था। अक्टूबर 2018 से दिसंबर 2018 के दौरान, ऋषि कुमार शुक्ला अपनी बाईपास सर्जरी के कारण 6 सप्ताह की छुट्टी पर थे। 4 दिसंबर 2018 को, नव निर्वाचित कांग्रेस सरकार के तहत डीजीपी के रूप में पदभार संभालने के बाद, उनका तबादला कर दिया गया और उन्हें मध्य प्रदेश पुलिस आवास निगम (30 जनवरी 2019) का अध्यक्ष बनाया गया।

3 दिनों के बाद, 2 फरवरी 2019 को, ऋषि कुमार शुक्ला को 2 साल की निश्चित अवधि के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया।

रोचक तथ्य (Intresting Facts)

  • उन्हें टेनिस खेलना बहुत पसंद है, जिसके चलते उन्होंने कई टेनिस प्रतियोगिताओं में ख़िताब भी जीते हैं।
  • वह मध्य प्रदेश के दूसरे ऐसे पुलिस अधिकारी हैं, जिन्हे सीबीआई का निदेशक नियुक्त किया गया। इनके अलावा मध्य प्रदेश के डी. पी. कोहली को सीबीआई का निदेशक नियुक्त किया गया था।
  • वर्ष 2016 से वर्ष 2019 तक, उन्होंने मध्य प्रदेश के डीजीपी के रूप में कार्य किया।

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