Sadhvi Pragya Biography in Hindi | साध्वी प्रज्ञा जीवन परिचय

साध्वी प्रज्ञा

साध्वी प्रज्ञा

साध्वी प्रज्ञा उर्फ़ प्रज्ञा सिंह ठाकुर एक हिंदू राष्ट्रवादी और भारतीय राजनीतिज्ञ हैं। वर्तमान में वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्य हैं। वह अक्सर अपने विवादित बयानों के लिए सुर्खियों में छाई रहती हैं। भाजपा ने वर्ष 2019 के आम चुनावों में साध्वी को कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के खिलाफ भोपाल लोकसभा सीट से मैदान में उतारा है। आइए अब हम उनके वास्तविक जीवन से जुड़े कुछ रोचक तथ्यों को करीब से जानेंगे।

जीवन परिचय (Biography)

प्रज्ञा सिंह ठाकुर का जन्म वर्ष 1971 में भिंड, मध्य प्रदेश, भारत में हुआ था। उन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा अपने गाँव, लहार से प्राप्त की। उनके पिता सी.पी. ठाकुर कृषि विभाग में कार्यरत थे। उनके पिता एक आयुर्वेदिक डॉक्टर भी थे, जिसके चलते उन्होंने अपने ही गाँव लाहर में एक छोटी सी क्लिनिक खोल रखी थी। उनके पिता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सक्रिय सदस्य भी थे। जब वह कॉलेज में थी, तब उन्हें एक अच्छा वक्ता माना जाता था। उसके कुछ समय बाद, वह आरएसएस, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के छात्र संगठन में शामिल हुईं। उन्होंने मध्य प्रदेश के भिंड के एक कॉलेज से इतिहास में परास्नातक की डिग्री प्राप्त की है।

परिवार (Family)

साध्वी का जन्म एक क्षत्रिय (ठाकुर) परिवार में सी. पी. ठाकुर और सरला देवी के घर हुआ था। जिससे उनका एक भाई और तीन बहनें हैं। वह अविवाहित हैं, एक साध्वी होने के नाते उन्होंने अब तक विवाह नहीं किया है।

करियर (Career)

अपने पिता के कहने पर साध्वी RSS संगठन से जुड़ गईं और ABVP, RSS के छात्र संगठन की एक सक्रिय सदस्य बन गईं। साध्वी ने विश्व हिंदू परिषद (VHP) की महिला शाखा दुर्गा वाहिनी में भी कार्य किया है। हालांकि, वह अपने उत्तेजक भाषणों और भाजपा की स्टार प्रचारक होने के लिए जानी जाती हैं। वर्ष 2019 के आम चुनाव में, उन्हें कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के खिलाफ भोपाल लोकसभा क्षेत्र से भाजपा ने मैदान में उतारा है। 1)NDTV

विवाद (Controversies)

  • वर्ष 2006 के मालेगांव मस्जिद बम विस्फोट में साध्वी मुख्य आरोपी थी, जिसमें दो बम विस्फोट महाराष्ट्र में और एक गुजरात में हुआ था। जिस विस्फोट में 6 लोग मारे गए और 100 से अधिक घायल हो गए थे। इसके चलते उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और 9 साल की कैद की सजा सुनाई गई। हालांकि, वर्ष 2017 में उन्हें आरोपों से बरी कर दिया गया था।
  • दिसंबर 2007 में, साध्वी प्रज्ञा पर भाजपा विधायक सुनील जोशी की हत्या करने का भी आरोप था, जिसने साध्वी को शादी के लिए प्रस्तावित किया था, लेकिन उन्होंने विवाह से इनकार कर दिया था। इस घटना में वह अपने अन्य सात साथियों के साथ संलिप्त पाई गई थीं, जिसके चलते उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था और वर्ष 2017 में, उन्हें रिहा भी कर दिया गया था।
  • वह अपने भड़काऊ भाषणों के लिए मीडिया में बनी रहती हैं। वर्ष 2018 में, एक भाषण के दौरान, उन्होंने सोनिया गांधी को इटली वाली बाई (इटली की नौकरानी) के रूप में संदर्भित किया। जिससे वह काफी विवादों में रहीं।
  • 19 अप्रैल 2019 को, उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विवादित बयान देते हुए, कहा कि “जब उन्हें मालेगाँव बम विस्फोट मामले में गिरफ्तार किया गया था, तब उन्होंने 26/11 हमले के दोषी हेमंत करकरे को छोड़ने के लिए कहा था; क्योंकि उस समय उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं था। फिर साध्वी ने हेमंत करकरे को शाप दिया कि “बहुत ही जल्द तू मृत्यु को प्राप्त होगा।” उल्लेखनीय रूप से, मुंबई आतंकवादी हमले के दो महीने बाद ही हेमंत की मृत्यु हो गई।

  • प्रज्ञा ठाकुर ने हाल ही में एक विवादित बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा है कि “दिसंबर 1992 में वह अयोध्या के विवादित ढांचे को तोड़ने गई थी। ढांचा तोड़ने का मुझे गर्व है। ईश्वर ने यह अवसर मुझे दिया था, इसलिए मैंने यह कार्य किया। मैंने देश का कलंक मिटाया है। इस बयान काे संज्ञान में लेते हुए, चुनाव आयोग ने प्रज्ञा साध्वी पर आचार संहिता का उल्लंघन करने का नोटिस भेजा। 2)Dainik Bhaskar

रोचक तथ्य (Interesting Facts)

  • एक साक्षात्कार में, उनके पिता ने कहा कि “साध्वी को फ़िल्में देखना और संगीत सुनना पसंद नहीं है।” जिसके चलते साध्वी ने अभी तक एक भी फिल्म नहीं देखी है।
  • विवाह न करने की प्रतिज्ञा करने के बाद, साध्वी ने एक संत का जीवन व्यतीत करने का निर्णय किया। जिसके बाद साध्वी ने सूरत, गुजरात में अपनी धर्मशालाएं स्थापित की और देश के विभिन्न हिस्सों की यात्राएं की।
  • यहाँ प्रसिद्ध टीवी एंकर रजत शर्मा के साथ साध्वी प्रज्ञा का एक साक्षात्कार है। इंडिया टीवी के प्रसिद्ध टीवी शो “आप की अदालत” की एक झलक।

सन्दर्भ    [ + ]

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