Shyam Saran Negi Biography in Hindi | श्याम सरन नेगी जीवन परिचय

श्याम सरन नेगी

श्याम सरन नेगी

श्याम सरन नेगी एक सेवानिवृत्त स्कूल शिक्षक हैं। वह स्वतंत्र भारत के सबसे पुराने और पहले मतदाता होने के लिए जाने जाते हैं।

जीवन परिचय (Biography)

श्याम सरन नेगी का जन्म 1 जुलाई 1917 को हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के कल्पा क्षेत्र में हुआ था। श्याम सरन नेगी ने अपनी स्कूली शिक्षा दस वर्ष की आयु में प्राप्त की। उन्होंने पांचवी कक्षा तक की पढ़ाई कल्पा के एक पब्लिक स्कूल से प्राप्त की और उसके बाद वह अपनी आगे की पढ़ाई करने के लिए रामपुर चले गए। जब वह दसवीं कक्षा में पहुंचे, उस समय वह बीस वर्ष के हो गए थे। अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद, नेगी वन विभाग में वन रक्षक के रूप में शामिल हुए। जहां उन्होंने वर्ष 1940 से वर्ष 1946 तक कार्य किया। श्याम सरन ने कल्पा के लोअर मिडिल स्कूल में जूनियर बेसिक टीचर के रूप में कार्य करना शुरू किया और जहां 23 वर्षों तक शिक्षा विभाग में कार्य करने के बाद वर्ष 1975 में सेवानिवृत्त हुए।

श्याम सरन नेगी वोट डालते हुए

परिवार (Family)

श्याम सरन एक हिंदू राजपूत परिवार से हैं। उनके पिता का नाम स्वर्गीय नारायण दास है। उनकी मां के बारे में ज्यादा कुछ नहीं पता है। श्याम सरन ने हीरा मणि से विवाह किया। जिससे उनके तीन बेटे और पांच बेटियां हैं। उनके सबसे छोटे बेटे का नाम चंदर प्रकाश नेगी है। वर्ष 2002 में श्याम सरन नेगी के बड़े बेटे का निधन हो गया था।

श्याम सरन नेगी अपनी पत्नी के साथ
श्याम सरन नेगी अपनी पत्नी के साथ

विवाद (Controversy)

वर्ष 2019 में, भाजपा कार्यकर्ता पुष्पराज ने श्याम सरन के नाम की जगह चौकीदार शब्द का इस्तेमाल किया। जिसके जवाब में नेगी ने किन्नौर के डिप्टी कमिश्नर के पास शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि “वह किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं करते हैं और न ही किसी राजनीतिक पार्टी के साथ उनका कोई संबंध है।”

हस्ताक्षर (Signature)

श्याम सरन नेगी हस्ताक्षर
श्याम सरन नेगी हस्ताक्षर

रोचक तथ्य (Interesting Facts)

  • उन्हें रेडियो सुनना बहुत पसंद है।

    श्याम सरन नेगी रेडियो सुनते हुए
    श्याम सरन नेगी रेडियो सुनते हुए
  • वह हमेशा शुद्ध शाकाहारी भोजन का सेवन करना पसंद करते हैं।
  • नेगी कल्पा के कनंग सारिंग में रहते हैं, जो लगभग 10,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। जो सेब के लिए काफी प्रसिद्ध हैं।
  • श्याम सरन हिमाचल प्रदेश के 1,011 मतदाताओं में से एक हैं, जिन्होंने वर्ष 2018 में 100 वर्ष की आयु सम्पूर्ण की है।
  • श्याम सरन नेगी ने पहली बार 25 अक्टूबर 1951 को मतदान किया था। पहला चुनाव फरवरी 1952 में हुआ था, लेकिन हिमाचल प्रदेश में चुनाव 5 महीने पहले निर्धारित कर दिए गए थे, क्योंकि उस समय मौसम और भारी बर्फबारी का पूर्वानुमान किया गया था, जिससे हिमाचल प्रदेश के निवासियों को मतदान केंद्रों तक पहुंचने में काफी कठिनाईयों का सामना कर पड़ सकता है।

  • जब वह 33 वर्ष के थे, तब उन्होंने वर्ष 1951 में लोकसभा चुनाव में अपना पहला वोट डाला। 19 मई 2019 को वह हिमाचल प्रदेश के आम चुनावों में 17 वीं बार मतदान करेंगें।
  • नेगी को भारतीय चुनाव आयोग द्वारा मतदान जागरूकता अभियान का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया गया है।

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