Yogi Adityanath Biography in Hindi | योगी आदित्यनाथ जीवन परिचय

योगी आदित्यनाथ

योगी आदित्यनाथ

योगी आदित्यनाथ से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी

  • योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के लोकप्रिय मंदिर “गोरखनाथ” के महंत और राजनेता हैं।

    गोरखनाथ मंदिर, गोरखपुर
    गोरखनाथ मंदिर, गोरखपुर
  • उनका का वास्तविक नाम अजय सिंह बिष्ट है, जिसके बाद गोरखनाथ मन्दिर के भूतपूर्व पीठाधीश्वर महंत अवैद्यनाथ ने उनका नाम “योगी आदित्यनाथ” रखा।

    योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मन्दिर के भूतपूर्व पीठाधीश्वर महंत अवैद्यनाथ के साथ
    योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मन्दिर के भूतपूर्व पीठाधीश्वर महंत अवैद्यनाथ के साथ
  • 15 फरवरी 1994 को, उन्होंने गोरखनाथ मंदिर के अगले शिष्य उत्तराधिकारी के रूप में दीक्षाभिषेक प्राप्त किया।

    योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर के अगले शिष्य उत्तराधिकारी के रूप में
    योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर के अगले शिष्य उत्तराधिकारी के रूप में
  • वह युवाओं के सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी समूह “हिन्दू युवा वाहिनी” के संस्थापक भी हैं, जिसके चलते उनकी छवि कथित रूप से एक देशभक्त के रूप में झलकती है।

जीवन परिचय

  • वास्तविक नाम : अजय सिंह बिष्ट
  • उपनाम : योगी
  • व्यवसाय :  महंत और भारतीय राजनेता
  • प्रसिद्ध हैं : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरखनाथ मंदिर के महंत के रूप में
  • पार्टी/दल :  भारतीय जनता पार्टी
  • राजनीतिक यात्रा :

वर्ष 1996 में, वह महंत अवैद्यनाथ के चुनाव अभियान के प्रबंधन प्रभारी बने।
वर्ष 1998-99 में, महज 26 वर्ष की आयु में वह 12वीं लोकसभा के सबसे युवा सांसद (गोरखपुर क्षेत्र) बने।
वर्ष 1998 से 1999 तक, वह गृह मंत्रालय की सलाहकार समिति के भी सदस्य रहे।
वर्ष 1999 में, वह 13वीं लोकसभा (दुसरे कार्यकाल) गोरखपुर क्षेत्र से पुनः सांसद चुने गए।
वर्ष 2004 में, वह 14वीं लोकसभा (तीसरे कार्यकाल) गोरखपुर क्षेत्र से दोबारा सांसद चुने गए। जहाँ उन्होंने सरकारी आश्वासन समिति के सदस्य के रूप में कार्य किया।
वर्ष 2009 में, वह 15वीं लोकसभा (चौथे कार्यकाल) गोरखपुर क्षेत्र से पुनः सांसद चुने गए। जहाँ उन्होंने परिवहन, पर्यटन और संस्कृति संबंधी समितियों में कार्य किया।
वर्ष 2014 में, वह गोरखपुर निर्वाचन क्षेत्र से 16वीं लोकसभा (पाँचवे कार्यकाल) में फिर से सांसद चुने गए।
19 मार्च 2017 को, उन्होंने उत्तर प्रदेश के 21 वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की।

योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करते हुए
योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करते हुए

व्यक्तिगत जीवन

  • जन्मतिथि : 05 जून 1972
  • आयु (2018 के अनुसार) : 47 वर्ष
  • जन्मस्थान :  पंचुर, जिला पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखण्ड, भारत
  • राशि : मिथुन
  • गृहनगर : गोरखपुर, उत्तर प्रदेश, भारत
  • स्कूल/विद्यालय : प्राथमिक शिक्षा पौड़ी, उत्तराखण्ड
  • कॉलेज/महाविद्यालय/विश्वविद्यालय :  गढ़वाल विश्वविद्यालय, श्रीनगर, उत्तराखण्ड
  • शैक्षिक योग्यता : गणित में स्नातक (बी० एस० सी०)

विवाद

  • वर्ष 2005 में, योगी ने अन्य धर्म के लोगों का धर्मांतरण करने के लिए एक शुद्धि अभियान चलाया, जिसके द्वारा ईसाई धर्म के लोगों को हिन्दू धर्म में परवर्तित किया जा रहा था।
  • वर्ष 2015 में, योगी ने एक विवादास्पद टिप्पणी करते हुए कहा कि “जो व्यक्ति योग के आधार पर सूर्य नमस्कार का विरोध करते हैं वह भारत छोड़कर जा सकते हैं।” जिसके चलते वह विवादों में आए।
  • वर्ष 2007 में, गोरखपुर में मुहर्रम के दौरान एक हिंदू समूह और मुसलमानों के बीच किसी विवाद के कारण एक व्यक्ति घायल हो गया था। जिसके बाद योगी ने उस विवाद पर एक आपत्तिजनक भाषण दिया, जिसके कारण उन्हें गिरफ्तार किया गया और गोरखपुर में दंगे भड़के।

परिवार  

  • पिता – आनंद सिंह बिष्ट
  • माता – सावित्री देवी

    योगी आदित्यनाथ के माता पिता

      योगी आदित्यनाथ के माता पिता
  • भाई – महेंद्र सिंह बिष्ट, मानवेन्द्र बिष्ट और शैलेन्द्र बिष्ट
  • बहन – शशि सिंह

प्रेम संबन्ध एवं अन्य जानकारी

  • वैवाहिक स्थिती – अविवाहित
  • पत्नी – नहीं हैं
  • बच्चे – नहीं हैं

धन संबंधित विवरण

  • आय : 1.29 लाख रुपए (2017-2018 के अनुसार)

योगी आदित्यनाथ

योगी आदित्यनाथ का वास्तविक जीवन

  • उनका जन्म उत्तराखंड के पंचुर गांव में एक मध्यमवर्गीय राजपूत परिवार में हुआ था।
  • उनके पिता आनंद बिष्ट एक वन्य संरक्षक और माता सावित्री एक गृहिणी थी।
  • 22 वर्ष की उम्र में योगी आदित्यनाथ अपने परिवार के किसी भी सद्स्य को बिना बताए सन्यास लेते हुए, घर छोड़कर चले गए थे।
  • योगी आदित्यनाथ ने “एक हाथ में माला और एक हाथ में भाला” नारा दिया है।
  • वह एक पशु प्रेमी भी हैं।
  • उन्हें पुस्तकें पढ़ना और लिखना भी पसंद हैं, जिसके चलते उन्होंने कई पुस्तकें लिखी जैसे – ‘राजयोग: स्वरूप एवं साधना’, ‘यौगिक षटकर्म’, ‘हठयोग: स्वरूप एवं साधना’और ‘हिन्दू राष्ट्र नेपाल’, इत्यादि। इसके साथ-साथ वह गोरखनाथ मन्दिर की वार्षिक पुस्तक ‘योगवाणी’ के संपादक भी हैं।

    गोरखनाथ मन्दिर की वार्षिक पुस्तक 'योगवाणी'
    गोरखनाथ मन्दिर की वार्षिक पुस्तक ‘योगवाणी’

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